प्रियंका गांधी के लखनऊ में हुए रोड शो की ‘फ़र्ज़ी फ़ोटो’ का सच

कांग्रेस पार्टी की रैली की एक पुरानी फ़ोटो सोशल मीडिया पर लखनऊ में सोमवार को हुए राहुल और प्रियंका गांधी के रोड शो का बताकर शेयर की जा रही है.

इस तस्वीर में भारी भीड़ दिखाई देती है और भीड़ में कुछ लोगों ने कांग्रेस के झंडे थाम रखे हैं.

कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी यह पुरानी तस्वीर सोमवार को हुए रोड शो के दौरान ट्वीट की थी जिसे बाद में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से हटा दिया.

सोमवार शाम को अपनी ग़लती सुधारते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने लखनऊ रोड शो की कुछ अन्य तस्वीरें ट्वीट कीं.

इसके बाद कांग्रेस से जुड़े कई आधिकारिक सोशल मीडिया पन्नों से यह तस्वीर हटा दी गई.

लेकिन भारतीय यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष केशव चंद यादव और उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट पर ये तस्वीर अभी भी देखी जा सकती है.

जिस पुरानी वायरल तस्वीर को कांग्रेस समर्थक 'पार्टी की लोकप्रियता' दिखाने के लिए शेयर कर रहे हैं और बीजेपी समर्थक 'कांग्रेस नेताओं की ग़लती ' बताने के लिए, वो तस्वीर 5 दिसंबर 2018 की है.

इस तस्वीर को पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने ट्वीट किया था और लिखा था, "अपने गृह राज्य तेलंगाना में चुनाव प्रचार के लिए आना हमेशा ही ख़ास होता है. लोगों का उत्साह ज़बर्दस्त है."

कांग्रेस नेता अज़हरुद्दीन तेलंगाना की मेडक लोकसभा सीट में पड़ने वाले गजवेल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप रेड्डी के प्रचार के लिए पहुँचे थे.

गजवेल विधानसभा क्षेत्र तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सीट है और इस सीट पर केसीआर को हराने के लिए 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पूरा ज़ोर लगा दिया था.

लेकिन फ़ेसबुक पर 'टीम राहुल गांधी' और 'कांग्रेस लाओ, देश बचाओ' जैसे कांग्रेस समर्थक ग्रुप्स में ये तस्वीर अब दोबारा शेयर की गई है और इसे लखनऊ के रोड शो से जोड़ दिया गया है.

ट्विटर पर भी कई लोगों ने इस पुरानी तस्वीर को उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार की लोकप्रियता से जोड़ते हुए पोस्ट किया है.

बीजेपी की सांसद किरण खेर ने भी यह वायरल तस्वीर ट्वीट की है और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मज़ाक़ बनाया है.

किरण खेर ने लिखा है, "पता लगा कि लखनऊ में प्रियंका गांधी के स्वागत में कथित तौर पर आई भारी भीड़ को दिखाने के लिए कांग्रेस ने एक फ़ोटो ट्वीट की थी जिसे थोड़ी देर बाद हटा लिया गया क्योंकि लोगों ने उन्हें बताया कि दीवारों पर जो पोस्टर लगे हैं, वो तेलुगू में हैं. अगर ये सच है तो ये हास्यास्पद है."

सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी रुझान वाले ग्रुप्स में भी अब ये तस्वीर शेयर की जा रही है. लोगों ने यहाँ लिखा है कि कांग्रेस की चोरी पकड़ी गई, रोड में भीड़ दिखाने के लिए पार्टी ने पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल किया.

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